ग़ाज़ियाबाद में पत्रकार पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला हालत गंभीर

दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद में कल शाम बाइक सवार बदमाशों ने एक टीवी पत्रकार अनुज चौधरी पर गोलियों से हमला कर दिया।घटना शहर के कविनगर थाना के रजापुर गांव की है ।हमले में घायल पत्रकार की हालत नाज़ुक बताई जा रही है। घायल अनुज चौधरी सहारा समय में काफी अरसे से जुड़े हुए बताये जा रहे है और गाज़ियाबाद में पत्रकार संगठन के पदाधिकारी भी है। बताया जा रहा है की अनुज चौधरी की पत्नी निशा चौधरी गत वर्ष हुए नगर निकाय चुनाव में बसपा पार्टी के चुनाव चिन्ह पर वार्ड 18 से पार्षद पद का चुनाव भी जीती थी जिससे स्थानीय लोगो में चुनावी रंजिश होने का भी मामला सामने आ रहा है।
टीवी पत्रकार ने कविनगर थाने में अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रार्थना पत्र दिया था जिसे स्वीकारते हुए प्रशासन ने उन्हें एक सरकारी गनर भी मुहैया कराया था।परिवार जनो से पूछने पर बताया की रविवार होने के कारण उन्होंने गनर को छुट्टी पर जाने को कहा था।स्थानीय लोगो के अनुसार अनुज चौधरी वार्ड में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा कर अपने घर लौट रहे थे तभी उनके घर के बहार बाइक सवार हमलावरों ने हमला किया।जानकारी के अनुसार उन्हें 4 गोलिया लगी एक गोली पेट में 2 कंधे में और एक गोली उनके पेट को छूते हुए वह काम कर रहे एक मजदूर सुमित को जा लगी।घायल पत्रकार को ग़ाज़ियाबाद के यशोदा अस्पातल में भर्ती कराया जहा उनके इलाज किया जा रहा है वही दूसरे घायल का प्रशासन की मदद से सर्वोदय अस्पातल में इलाज़ किया जा रहा है।

 

घटना के बाद सरकारी अमला लाव लश्कर के साथ हमलावरों की तलाश में जुट हाय है।पुलिस ने घटना स्थल पर लगे सीसी टीवी फुटेज की भी जांच की। ग़ाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने डॉक्टरों की टीम से घायल का हाल जाना और घटना का जल्द ही खुलासा कर हमलावरों को गिरफ्तार करने की बात कही।कविनगर थानाध्यक्ष समरजीत सिंह के अनुसार पुलिस के द्वारा कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।श्री समरजीत सिंह ने बताया की घटना के पीछे गांव के ही कुछ लोगो का हाथ है और पिछले कुछ समय से दोनों ही परिवारों में आपसी रंजिश चल रही थी जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है।

 

स्थानीय लोगो में इस घटना को लेकर काफी रोष व्याप्त है उनके अनुसार जब अनुज चौधरी ने प्रशासन को अपनी जान का खतरा बताया था तो प्रशासन ने इसमें ढील क्यों दी गयी। घायल के परिवार जनो का कहना है की आज पत्रकार अनुज चौधरी प्रशासन के इसी रवैये की वजह से इस हालत में है वो पुलिस प्रशासन को भी इस घटना का जिम्मेदार ठहरा रहे जिसने समय पर कोई कदम नहीं उठाया।

दिनदहाड़े हुई इस घटना ने उत्तर प्रदेश में सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। कुछ दिनों से पत्रकारों पर हो रहे हमले बता रहे है की बदमाशों के अंदर पुलिस प्रशासन का मजाक बना रखा है। पिछले कुछ दिनों पहले बिहार के भोजपुर में 2 पत्रकारों की दिनदहाड़े कर से कुचलकर हत्या कर दी गयी थी पत्रकार रामनवमी के जुलूस से आ रहे थे ऐसी ही एक घटना मध्यप्रदेश के भिंड में सामने आयी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here