रिव्यू बाग़ी २: क्या करोड़ो कमाना ही सफल फिल्म की परिभाषा है ?

आज के इस दौर में फिल्मो को उनकी कमाई के अनुसार ही सफल माना जाता है क्या वाकई करोड़ो रुपया कमाकर फिल्म हिट हो जाती है ।इस समय कोई भी फिल्म 50 करोड़ से कम नहीं कमा रही यदि बात की जाए बॉलीवुड की तो 2010 के बाद लगभग सभी फिल्मो का कारोबार अच्छा रहा है ।बड़े-बड़े सुपरस्टार हो या आज कल के नए अभिनेता काम तो सभी का सराहनीय है लेकिन सवाल मन में एक ही उठता है की 100 करोड़ या इससे ज्यादा वाले क्लब में शामिल फिल्मे ही सफल है तो 70 के दौर की राजेश खन्ना की फिल्मो को हिट नहीं कहा जा सकता ।

हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म Baaghi 2 की बात करे तो बॉक्स ऑफिस के अनुसार फिल्म अब तक 85 करोड़ का व्यापार कर चुकी है लेकिन दर्शको के अनुसार फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जिसकी सराहना की जा सके । रणदीप हुड्डा और मनोज वाजपेई के किरदार को छोड़ दिया जाये तो कोई भी कलाकार अपने किरदार के साथ न्याय करता नहीं दिख रहा है फिल्म का पहला हाफ टाइगर श्रॉफ और कृति शेनॉन की प्रेम कहानी में निकल जाता है ।फिल्म की शुरुआत फौजी के किरदार में टाइगर आतंकवादी को अपनी गाडी के आगे बाँध कर लाता है जिससे दर्शको ने इस फिल्म को देशभक्ति से जोड़ दिया ।
शौर्य भारद्वाज जो की पहले ही अपनी वीडियो से लोगो में देशभक्त घोषित हो चुके है अपनी दबी सी आवाज से अपनी सैनिको को आदेश देते है ।

क्या अभिनेता अपने सिक्स पैक एब्स और कंप्यूटर से बनाये गए एक्शन से ही रिझाते रहेंगे आखिर कब तक दिशा पटानी जैसी अभिनेत्री सिर्फ अपनी सुंदरता से ही फिल्मो में काम करती रहेगी।मनोज वाजपेई जो की एक पुलिस कमिश्नर के रोल में है कैसे एक रात में जंगल का बादशाह बन जाता है। रणदीप हुड्डा को एक पुलिस अधिकारी के किरदार में एक चरसी दिखाया गया । फिल्म के अंत में शौर्य भारद्वाज अपने एक सैनिक से हजारो की फ़ौज को आगाह करने आते है की वो अकेला ही काफी है और अंत में हुआ भी ऐसा है लगता है बॉलीवुड को उसका जैकी चैन मिल ही गया जो सिर्फ अपने एक्शन से फिल्मो को सफलता दिलाते रहेंगे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here